बहुत समय पहले की बात है, एक घना और हरा-भरा जंगल था, जिसका नाम था "हरितवन"। इस जंगल में अनेक प्रकार के पशु-पक्षी, जीव-जंतु शांति से रहते थे। लेकिन इस जंगल का राजा, सिंहराज विक्रम, अपनी ताकत और क्रूरता के लिए कुख्यात था। उसका स्वभाव अत्यंत कठोर और निर्दयी था। विक्रम को प्रतिदिन एक जानवर का शिकार चाहिए होता था, और वह जंगल के सारे जानवरों को डरा कर रखता था। जानवरों ने कई बार उसका विरोध करने की कोशिश की, लेकिन उसकी शक्ति के आगे सब विवश थे। एक दिन, जानवरों ने सभा बुलाई। हाथी, हिरण, लोमड़ी, बंदर, और अन्य सभी प्राणी इकट्ठा हुए। उन्होंने तय किया कि हर दिन एक-एक जानवर अपनी बारी से स्वयं शेर के पास जाएगा, जिससे बाकी प्राणियों की जान बच सके। यह फैसला दुखद था, लेकिन उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। उसी जंगल में एक छोटा सा खरगोश भी रहता था, जिसका नाम था चिंटू। चिंटू छोटा जरूर था, लेकिन उसकी बुद्धि बहुत तेज थी। वह हमेशा कुछ नया सोचता और करता रहता था। उसे यह व्यवस्था बिल्कुल भी पसंद नहीं थी कि डर के कारण जानवर अपनी जान कुर्बान कर रहे हैं। एक दिन, जब खरगोश की बारी आई शेर के पास जाने की, तो ...
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